Mahamanjishthadyarishta – Ayur. Saar Sangraha

Indications: Blood purifier, useful in blood impurity such as Itching, Wound, Leprosy, Gout, Obesity, etc.

Dose: 3 to 6 teaspoonful after meals with equal water or as directed by the Physician.

Available in: 200 ml., 450 ml., 680 ml.

महामंजिष्ठाद्यरिष्ट

गुणधर्म: यह श्रेष्ठ रक्तशोधक औषधि है। रक्त विकार -जन्य त्वचा रोग जैसे खाज-खुजली, फोड़ा-फुंसी, कुष्ठ वातरक्त, मेदो रोग आदि में गुणकारी है।

सेवन विधि: चाय के 3 से 6 चम्मच बराबर जल मिलाकर दिन में दो बार भोजन के बाद। अथवा चिकित्सक के परामर्शानुसार।

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Indications: Blood purifier, useful in blood impurity such as Itching, Wound, Leprosy, Gout, Obesity, etc.

Dose: 3 to 6 teaspoonful after meals with equal water or as directed by the Physician.

Available in: 200 ml., 450 ml., 680 ml.

महामंजिष्ठाद्यरिष्ट

गुणधर्म: यह श्रेष्ठ रक्तशोधक औषधि है। रक्त विकार -जन्य त्वचा रोग जैसे खाज-खुजली, फोड़ा-फुंसी, कुष्ठ वातरक्त, मेदो रोग आदि में गुणकारी है।

सेवन विधि: चाय के 3 से 6 चम्मच बराबर जल मिलाकर दिन में दो बार भोजन के बाद। अथवा चिकित्सक के परामर्शानुसार।

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