Vatkulantak Ras

Indication: Aphasmar (epilepsy) (Mirgi), very beneficial in unconsciousness, confusion, hysteria and hysteria, etc.

Dose:  1 to 2 tablets 3 to 5 times a day or as directed by the Physician.

Available in: 5, 10 & 25 Tabs.

 

वातकुलान्तक रस

गुणधर्म: यह रस भयंकर अपस्मार (मिर्गी) मूर्छा, भ्रम आदि में अति लाभकारी है। आक्षेपिक जैसे वातव्याधि और हिस्टीरिया में भी इसका अच्छा उपयोग होता है।

मात्रा: 1 से 2 टेबलेट दिन में 3-4 बार या चिकित्सक के परामर्शानुसार।

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Indication: Aphasmar (epilepsy) (Mirgi), very beneficial in unconsciousness, confusion, hysteria and hysteria, etc.

Dose:  1 to 2 tablets 3 to 5 times a day or as directed by the Physician.

Available in: 5, 10 & 25 Tabs.

 

वातकुलान्तक रस

गुणधर्म: यह रस भयंकर अपस्मार (मिर्गी) मूर्छा, भ्रम आदि में अति लाभकारी है। आक्षेपिक जैसे वातव्याधि और हिस्टीरिया में भी इसका अच्छा उपयोग होता है।

मात्रा: 1 से 2 टेबलेट दिन में 3-4 बार या चिकित्सक के परामर्शानुसार।

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